OWN PATH PAINTING BY SOURAV PRAMANIK INDIA
Own path painting Artist Statement शीर्षक: अपनी राह – दृश्य से दृष्टि तक का अन्वेषण एक कलाकार के रूप में मेरी सृजन प्रक्रिया केवल बाह्य जगत का अनुकरण नहीं, बल्कि अस्तित्व की उन परतों को उघाड़ने की एक निरंतर कोशिश है जिन्हें हम अक्सर सामाजिक शोर में अनदेखा कर देते हैं। मेरी कला 'अचेतन आध्यात्मिक रूपवाद' (Subconscious Spiritual Formalism) की एक अभिव्यक्ति है, जहाँ मैं पदार्थ (Matter) से परे जाकर उसकी ऊर्जा और 'कंपन' (Vibration) को कैनवास पर उतारने का प्रयास करता हूँ। मेरी वर्तमान शृंखला, जिसका आधार चींटियों का सूक्ष्म संसार है, आधुनिक समाज के एक गहरे विरोधाभास को चित्रित करती है। चींटियों की वह कतार जिसे मैं अपने परिवेश में देखता हूँ, मेरे लिए उस 'तंत्र' (System) का रूपक है जहाँ 'अनुसरण' करना ही सुरक्षा का पर्याय मान लिया गया है। इस कतारबद्ध व्यवस्था में व्यक्ति अपनी मौलिकता खोकर एक मशीनी इकाई मात्र बन जाता है। मेरी दृष्टि उस कतार से हटकर उस 'अग्रणी' (Leader) को ढूंढती है, जो अपनी पहचान बचाने के लिए कतार से बाहर निकलने का साहस करता है। ...